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Showing posts from July, 2020

किचन में possitive energy कैसे लाएं।

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भोजन मे सकारात्मक औऱ दिव्य ईश्वरीय ऊर्जा का प्रवाह आचार्य (डॉ) राहुल अस्थाना

श्रावण मास में ग्रह युति अनुसार कैलाश पर्वत पर दिव्य शिव शक्ति मिलन का अर्धनारेश्वर योग मुहूर्त

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सत्य सनातन संस्कार एवं शिक्षा संस्थान (रजि.) INDIA’S LEADING VAIDIC ONLINE INSTITUTE MOB- 9389118670    WHATSAPP-8318229946 EMAIL- satyasanatans5@gmail.com 117 /299 , M –BLOCK ,KAKADEV ,KANPUR 208005                        DIRECTOR                 ACHARYA (Dr.) Rahul Asthana ||ॐ नमः शिवाय || श्रावण मास की पूर्णमासी और ग्रहों के अनुसार भगवान का अर्धनारीश्वर स्वरूप    इस वर्ष श्रावण मास की पूर्णमासी 3 अगस्त 2020 दिन सोमवार को मनाई जाएगी परन्तु ग्रह-नक्षत्रो के समीकरण के अनुसार 2 अगस्त 2020 दिन रविवार को रात्रि 9 बजकर 40 मिनट पर चतुर्दशी समाप्त होकर पूर्णिमा का उदय हो जायेगा जब सूर्य और चंद्रमा क्रमशः मकर और कर्क राशि में एक दूसरे के सम्मुख होंगे | मकर राशि में चंद्रमा का प्रवेश जहाँ पहले से ही शनिदेव विराजमान हैं ,एक दिव्य योग का निर्माण करेगा | लेख के अन्त में विस्तृत रूप से समय की गणना की गई है |लेकिन इस योग और मुहूर्त को जानने के पहले 12 राशियों...

Energy ball द्वारा स्वयं की हीलिंग

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हीलिंग विद्या द्वारा नकारात्मक ऊर्जा का शमन  आचार्य (डॉ) राहुल अस्थाना

श्रावण मास में शिव शक्ति मिलन( ज्योतिषीय विचार)

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*~दिव्य और आवश्यक आध्यात्मिक जानकारी*~  ```श्रावण मास में हम सभी भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं परन्तु क्या आपको पता है कि शिव की पूजा शक्ति के बिना अधूरी है।  शीघ्र ही आपको हम ग्रह नक्षत्रों के आधार पर प्रमाणित एक ऐसा लेख देने जा रहे हैं जिसमे आप जानेंगे कि श्रावण मास में माता पार्वती कब  कैलाश पर्वत पर भगवान शिव से मिलने पहुंचेगी और ऐसा कौन सा समय होगा, ऐसा कौन सा मात्र 2 मिनट का शुद्ध समय  होगा जिस समय शक्ति का शिव से मिलन होगा ।यह शक्ति और शिव का मिलन जनमानस के लिए बहुत ही दिव्य आध्यात्मिक मुहूर्त लेकर आएगा इस समय की गई पूजा श्रावण मास की पूरी पूजा का फल प्रदान करेगी । शरीर के अंदर की नकारात्मक शक्तियों का शमन होगा मात्र 2 मिनट शिव शक्ति की उपासना आनंद देने वाली रहेगी। केवल एक दिव्य स्त्रोत और एक मन्त्र तथा 5 मिनट की पूजा में 2 मिनट का दिव्य और आध्यात्मिक शिव शक्ति मिलन कालखण्ड( मुहूर्त) आपको महाकाल और महाकाली की कृपा दिलाएगा । कृपया  लेख की प्रतीक्षा करें।  आचार्य (डॉ) राहुल अस्थाना ज्योतिषाचार्य 9389118670 सत्य सनातन संस्कार एवं शिक्षा संस्थान(रजि)

नजर उतारने के सटीक टोटके

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*नजर उतारने के सटीक टोटके*  (1) सोमवार को बर्फी तथा पानी  से नजर उतारे तथा  बर्फी को कुत्ते को खिला दे  (2) मंगलवार को मोतीचूर के लड्डू से नजर उतारे तथा लड्डू को कुत्ते को खिला दे   (3) बुधवार को इमरती से नजर उतारे तथा इमारती को कुत्ते को खिला दे   (4) गुरूवार को किसी दोने में 5 मिठाई रखकर नजर उतारे ,नजर उतारने के बाद 2 छोटी इलायची को दोने में रखकर पीपल के पेड़ में पश्चिम दिशा की तरफ रखकर घर वापस आ जाये  (5) शुक्रवार को मोतीचूर के लड्डू से नजर उतार कर कुत्ते को खिला दे  (6) शनिवार को इमारती और मोतीचूर के लड्डू से नजर उतारकर कुत्ते को खिला दे  (7) रविवार को बर्फी से नजर उतारकर कुत्ते को खिला दे -   जब भी नजर उतारें उस समय नजर उतरवाने वाले का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो। नजर उतरते समय कुछ भी बोलना नही है। नजर 7 बार उल्टा anti clock wise उतारें । आचार्य (डॉ.)राहुल अस्थाना  ज्योतिषाचार्य सत्य सनातन संस्कार एवं शिक्षा संस्थान(रजि.)💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐

अंक ज्योतिष 0 का आध्यात्मिक महत्त्व

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अंक ज्योतिष में जीरो (शून्य) का अंक महत्वपूर्ण नही है परन्तु आध्यात्मिक द्रष्टि से ये   भी अत्यंत महत्वपूर्ण है यद्यपि जीरो की कीमत कुछ नहीं रखी गई लेकिन फिर भी जीरो जिस ग्रह के जिस अंक के आगे लग जाता है उसकी VALUE अर्थात   कीमत 10 गुना बढ़ा देता है इसलिए हम इस पहली क्लास में जीरो से लेकर 9 अंक तक पढेंगे | अंक ज्योतिष का आधार मुख्य रूप से 1 से लेकर 9 तक अंक हैं।जिस  प्रकार से  वैदिक ज्योतिष में  12 राशियां 27 नक्षत्र और नौ  ग्रहों का अत्यंत ही महत्व है उसी प्रकार से अंक ज्योतिष में 1 से लोग लेकर 9 तक के अंको का महत्व है  प्रत्येक अंक किसी न किसी ग्रह से संबंधित है । अंक ज्योतिष का मुख्य आधार यधपि मूलांक है परंतु मूलांक को समझने के पूर्व ये जानना अति आवश्यक है कि 0 से 9 तक के अंक क्रमशः किस प्रकार इस सृष्टि से सम्बन्ध रखते है। अंक शून्य ZERO अंक या   संख्या का शब्द एवं क्रिया से घनिष्ठ संबंध है 0 अर्थात शून्य निराकार ब्रह्म या अनंत का प्रतीक है शून्य से सृष्टि की उत्पत्ति हुई है एवं शून्य में ही सब कुछ विलीन हो जाता है यह शून्य सूक्ष्म ...