Posts

Showing posts from September, 2020

अंक ज्योतिष और मस्तिष्क विकास

Image
  सत्य सनातन संस्कार एवं शिक्षा संस्थान (रजि.) INDIA’S LEADING VAIDIC ONLINE INSTITUTE MOB- 9389118670    WHATSAPP-8318229946 EMAIL- satyasanatans5@gmail.com 117 /299 , M –BLOCK ,KAKADEV ,KANPUR 208005                                    DIRECTOR –ACHARYA (Dr.) Rahul Asthana अंक ज्योतिष व मस्तिष्क विकास वैज्ञानिक शोध के अनुसार ये सिद्ध हो चुका है कि व्यक्ति की सोच और विचारधारा पर मस्तिष्क के विशेष भागों का प्रभाव और नियंत्रण होता है | हमारा मस्तिष्क दो भागों में विभक्त होता है | बायाँ गोलार्द्ध   तथा दायाँ गोलार्द्ध | यही मस्तिष्क बाह्यमुखी और अंतर्मुखी बनाता है |   अंक ज्योतिष के अनुसार जिन व्यक्तियों का मूलांक 2,6,7,8 होता है वे मस्तिष्क के बाएं भाग से अधिक सम्बन्ध रखते हैं तथा अंतर्मुखी प्रतिभा वाले होते हैं | इनकी सो...

अधिक मास या पुरषोत्तम मास साधना

Image
18 सितम्बर से 16 अक्तूबर 2020  सत्य सनातन संस्कार एवं शिक्षा संस्थान (रजि.) INDIA’S LEADING VAIDIC ONLINE INSTITUTE MOB- 9389118670    WHATSAPP-8318229946 EMAIL- satyasanatans5@gmail.com 117 /299 , M –BLOCK ,KAKADEV ,KANPUR 208005   DIRECTOR –ACHARYA (Dr.) Rahul Asthana अधिक मास अर्थात पुरषोत्तम मास का महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सौर वर्ष 365 दिन तथा चन्द्र वर्ष 355 दिनों का होता है जिसके कारण प्रति वर्ष दोनों में 10 दिन का अंतर आता है | इन दोनों वर्षों के सामजस्य हेतु प्रत्येक तीसरे वर्ष एक अधिक मास एवं प्रत्येक 141 वर्ष में चन्द्र क्षय मास का प्रावधान किया गया है | अन्य शब्दों में सूर्यदेव और चन्द्र देव के मध्य संतुलन स्थापित करने हेतु अधिक मास बनाया गया है |   जिस मास में कोई भी सूर्य संक्रांति न पड़े उसे अधिक मास की संज्ञा दी गई है तथा जिस मास में दो सूर्य संक्रांति पड़ जाएँ उसे क्षय मास कहा जाता है | अधिक मास और क्षय मास को ही मलमास  कहा जाता है |   पौराणिक द्रष्टिकोण से अधिक मास का नाम भगवान् विष्णु के नाम पर पुरषोत्तम मास क...