उपाय फलित होने का समय ,40 दिन में मिलता है उपाय का फल
किसी भी उपाय का परिणाम आने में 40 दिन (सवा) महीने का समय क्यों लगता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चन्द्रमा ही ज्योतिष का मुख्य आधार ग्रह है जिस समय से उपाय आरम्भ किया जाता है उस समय चन्द्रमा जिस नक्षत्र (point) पर होते हैं वहाँ से 360 अंश का वृत्त पूर्ण करने में 28 नक्षत्र ( अभिजीत सहित) तथा 12 राशियों का पथ भी पूर्ण करते हैं।
चन्द्रमा को इस पथ को पूर्ण करने में कुल 30 दिन का समय लगता है।जैसे ही चन्द्रमा अपनी उपाय यात्रा आरम्भ करता है जातक के प्रारब्ध का दोष हटना आरम्भ हो जाता है। कोई भी कर्म 5 कर्मेन्द्रियों और 5 ज्ञानेन्द्रियों के बिना असम्भव है अतः इन्हें भी प्रारब्ध का दोष लगता है जिसके कारण व्यक्ति अनेक समस्याओं से ग्रसित रहता है । उपाय करते समय जातक अपनी कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों को प्रयोग में लाता है जिससे वो अपने पूर्वजन्म के प्रारब्ध से मुक्त होता जाता है और उसे उपाय का लाभ मिलता है।
30 दिनों में 5 कर्मेन्द्रियों और 5 ज्ञानेन्द्रियों को भी जोड़ा जाता है इस प्रकार 40 दिन बनते हैं।
*ज्योतिषीय सलाह*
किसी भी उपाय को करते या करवाते समय 40 दिन तक प्रारब्ध का शोधन हो रहा होता है अतः इस समय जातक को सात्विकता बनाये रखना चाहिए साथ ही नित्य किसी मंदिर में या स्वयं के पूजाघर में 40 दिन तक एक पुष्प भगवान को अर्पित करने से शीघ्र ही लाभ प्राप्त होने लग जाता है।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 *सत्य सनातन संस्कार एवं शिक्षा संस्थान-*
आचार्य (डॉ) राहुल अस्थाना

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