जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण , माता त्रिपुर सुंदरी (श्री ) तथा श्री यंत्र का पूजन धनदायक होता है
सत्य सनातन संस्कार एवं शिक्षा
संस्थान (रजि.)
INDIA’S LEADING
VAIDIC ONLINE INSTITUTE
MOB-
9389118670 WHATSAPP-8318229946
EMAIL-
satyasanatans5@gmail.com
117 /299, M –BLOCK ,KAKADEV
,KANPUR 208005
DIRECTOR –ACHARYA (Dr.) Rahul Asthana
श्री कृष्ण और श्रीविद्या की देवी त्रिपुर सुंदरी तथा श्री यंत्र
(श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष)
(शायद इसी कारण श्री कृष्ण की उपासना करने वाले लोग वैभव की प्राप्ति अधिक करते हैं )
भगवान् कृष्ण की 16 कलाओं का वर्णन इस प्रकार है –
|
1. |
श्री |
9. |
प्रेरणा |
|
2. |
भू अचल संपत्ति |
10. |
ज्ञान |
|
3. |
कीर्ति |
11. |
क्रिया |
|
4. |
इला
(वाणी ) |
12. |
योग |
|
5. |
लीला (आनन्द
) |
13. |
विनय |
|
6. |
कान्ति(सौन्दर्य
) |
14. |
सत्य |
|
7. |
विद्या
(शिक्षा ) |
15. |
इसना
(आधिपत्य ) |
|
8. |
विमला
(पारदर्शिता ) |
16. |
अनुग्रह
(उपकार ) |
श्री(धन ,संपत्ति ,वैभव आदि ) की प्राप्ति होती है |11 अगस्त 2020 जन्माष्टमी पर मुहूर्त और साधना विधि
11 अगस्त को रात्रि 9:12 से 10:00 बजे तक अमृतकाल में माता त्रिपुर सुंदरी का पूजन (लक्ष्मी जी ) श्री सूक्त –कनकधारा का पाठ ,श्री यंत्र पर लक्ष्मी जी के 108 नाम से ज अक्षत से अर्चन तथा लक्ष्मी जी के मन्त्र का जप करना चाहिए |
सौजन्य से -
आचार्य (डा.) राहुल सुरेश चन्द्र अस्थाना
जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा जय श्री कृष्णा

बहुत ही सुंदर जानकारी
ReplyDelete